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Madhurashtakam — अर्थ सहित संपूर्ण पाठ

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Lord Krishna — devotional image

'Madhurashtakam' भगवान कृष्ण को समर्पित एक भजन है, जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी मधुरता का गुणगान करना है। यह भक्ति गीत श्री कृष्ण के विभिन्न गुणों और रूपों की सुंदरता का वर्णन करता है।

Hymn
Madhurashtakam
Deity
Lord Krishna
Number of verses
4
Available languages
English, Telugu, Hindi
Last updated
18 Jul 2026
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Madhurashtakam के संपूर्ण बोल

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1 - 2

अधरं मधुरं वदनं मधुरं
नयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 1 ॥

वचनं मधुरं चरितं मधुरं
वसनं मधुरं वलितं मधुरम् ।
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्

3 - 4

वेणु-र्मधुरो रेणु-र्मधुरः
पाणि-र्मधुरः पादौ मधुरौ ।
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 3 ॥

गीतं मधुरं पीतं मधुरं
भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम् ।
रूपं मधुरं तिलकं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्

5 - 6

करणं मधुरं तरणं मधुरं
हरणं मधुरं स्मरणं मधुरम् ।
वमितं मधुरं शमितं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 5 ॥

गुंजा मधुरा माला मधुरा
यमुना मधुरा वीची मधुरा ।
सलिलं मधुरं कमलं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्

7 - 8

गोपी मधुरा लीला मधुरा
युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरम् ।
दृष्टं मधुरं शिष्टं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ 7 ॥

गोपा मधुरा गावो मधुरा
यष्टि र्मधुरा सृष्टि र्मधुरा ।
दलितं मधुरं फलितं मधुरं
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्

Madhurashtakam – Lyrics, Meaning, Audio & PDF

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Madhurashtakam का अर्थ क्या है?

'मधुराष्टकम्' का जाप करने से भक्त भगवान कृष्ण की मधुरता और उनके दिव्य स्वरूप के प्रति समर्पण अनुभव करते हैं। इसे गाने से मन में शांति और भक्ति का संचार होता है। इस भजन के माध्यम से भक्त भगवान के साथ एक व्यक्तिगत संबंध महसूस करते हैं, जो आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देता है।

Madhurashtakam की रचना किसने की और यह कहाँ से आई है?

'मधुराष्टकम्' की रचना श्रीवल्लभाचार्य ने की थी। यह संस्कृत भाषा में लिखा गया है और पुष्टिमार्ग परंपरा से संबंधित है। इसका रचना काल 16वीं शताब्दी का माना जाता है।

Madhurashtakam का जाप कब और कैसे करें?

'मधुराष्टकम्' का जाप प्रातःकाल या संध्या समय में करना उत्तम माना जाता है। इसे 11 या 21 बार जपना चाहिए। जाप करते समय ध्यान और एकाग्रता बनाए रखना चाहिए। उच्चारण में स्पष्टता और शुद्धता का ध्यान रखें।

❤️ Madhurashtakam के जाप से क्या लाभ होते हैं?

  • भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त करना
  • आध्यात्मिक शांति का अनुभव
  • भावनात्मक संतुलन बढ़ाना
  • भक्ति में वृद्धि करना
  • मन की शांति को बढ़ावा देना

Frequently Asked Questions