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Narasimha Kavacham — अर्थ सहित संपूर्ण पाठ

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Lord Narasimha — devotional image

Narasimha Kavacham भगवान नरसिंह को समर्पित एक भक्ति स्तोत्र है जिसका मुख्य उद्देश्य भक्तों को सुरक्षा और साहस प्रदान करना है।

Hymn
Narasimha Kavacham
Deity
Lord Narasimha
Number of verses
16
Available languages
English, Telugu, Hindi
Last updated
18 Jul 2026
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Narasimha Kavacham के संपूर्ण बोल

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Verse 1 Listen

नृसिंहकवचं वक्ष्ये प्रह्लादेनोदितं पुरा ।
सर्वरक्षाकरं पुण्यं सर्वोपद्रवनाशनम् ॥ 1 ॥

सर्वसंपत्करं चैव स्वर्गमोक्षप्रदायकम् ।
ध्यात्वा नृसिंहं देवेशं हेमसिंहासनस्थितम्

Verse 2 Listen

विवृतास्यं त्रिनयनं शरदिंदुसमप्रभम् ।
लक्ष्म्यालिंगितवामांगं विभूतिभिरुपाश्रितम् ॥ 3 ॥

चतुर्भुजं कोमलांगं स्वर्णकुंडलशोभितम् ।
सरोजशोभितोरस्कं रत्नकेयूरमुद्रितम्

Verse 3 Listen

तप्तकांचनसंकाशं पीतनिर्मलवासनम् ।
इंद्रादिसुरमौलिस्थस्फुरन्माणिक्यदीप्तिभिः ॥ 5 ॥

विराजितपदद्वंद्वं शंखचक्रादिहेतिभिः ।
गरुत्मता सविनयं स्तूयमानं मुदान्वितम्

Verse 4 Listen

स्वहृत्कमलसंवासं कृत्वा तु कवचं पठेत् ।
नृसिंहो मे शिरः पातु लोकरक्षात्मसंभवः ॥ 7 ॥

सर्वगोऽपि स्तंभवासः फालं मे रक्षतु ध्वनिम् ।
नृसिंहो मे दृशौ पातु सोमसूर्याग्निलोचनः

Verse 5 Listen

स्मृतिं मे पातु नृहरिर्मुनिवर्यस्तुतिप्रियः ।
नासां मे सिंहनासस्तु मुखं लक्ष्मीमुखप्रियः ॥ 9 ॥

सर्वविद्याधिपः पातु नृसिंहो रसनां मम ।
वक्त्रं पात्विंदुवदनः सदा प्रह्लादवंदितः

Verse 6 Listen

नृसिंहः पातु मे कंठं स्कंधौ भूभरणांतकृत् ।
दिव्यास्त्रशोभितभुजो नृसिंहः पातु मे भुजौ ॥ 11 ॥

करौ मे देववरदो नृसिंहः पातु सर्वतः ।
हृदयं योगिसाध्यश्च निवासं पातु मे हरिः

Verse 7 Listen

मध्यं पातु हिरण्याक्षवक्षःकुक्षिविदारणः ।
नाभिं मे पातु नृहरिः स्वनाभि ब्रह्मसंस्तुतः ॥ 13 ॥

ब्रह्मांडकोटयः कट्यां यस्यासौ पातु मे कटिम् ।
गुह्यं मे पातु गुह्यानां मंत्राणां गुह्यरूपधृक्

Verse 8 Listen

ऊरू मनोभवः पातु जानुनी नररूपधृक् ।
जंघे पातु धराभारहर्ता योऽसौ नृकेसरी ॥ 15 ॥

सुरराज्यप्रदः पातु पादौ मे नृहरीश्वरः ।
सहस्रशीर्षा पुरुषः पातु मे सर्वशस्तनुम्

Verse 9 Listen

महोग्रः पूर्वतः पातु महावीराग्रजोऽग्नितः ।
महाविष्णुर्दक्षिणे तु महाज्वालस्तु नैरृतौ ॥ 17 ॥

पश्चिमे पातु सर्वेशो दिशि मे सर्वतोमुखः ।
नृसिंहः पातु वायव्यां सौम्यां भूषणविग्रहः

Verse 10 Listen

ईशान्यां पातु भद्रो मे सर्वमंगलदायकः ।
संसारभयदः पातु मृत्योर्मृत्युर्नृकेसरी ॥ 19 ॥

इदं नृसिंहकवचं प्रह्लादमुखमंडितम् ।
भक्तिमान्यः पठेन्नित्यं सर्वपापैः प्रमुच्यते

Verse 11 Listen

पुत्रवान् धनवान् लोके दीर्घायुरुपजायते ।
यं यं कामयते कामं तं तं प्राप्नोत्यसंशयम् ॥ 21 ॥

सर्वत्र जयमाप्नोति सर्वत्र विजयी भवेत् ।
भूम्यंतरिक्षदिव्यानां ग्रहाणां विनिवारणम्

Verse 12 Listen

वृश्चिकोरगसंभूतविषापहरणं परम् ।
ब्रह्मराक्षसयक्षाणां दूरोत्सारणकारणम् ॥ 23 ॥

भूर्जे वा तालपत्रे वा कवचं लिखितं शुभम् ।
करमूले धृतं येन सिध्येयुः कर्मसिद्धयः

Verse 13 Listen

देवासुरमनुष्येषु स्वं स्वमेव जयं लभेत् ।
एकसंध्यं त्रिसंध्यं वा यः पठेन्नियतो नरः ॥ 25 ॥

सर्वमंगलमांगल्यं भुक्तिं मुक्तिं च विंदति ।
द्वात्रिंशतिसहस्राणि पठेच्छुद्धात्मनां नृणाम्

Verse 14 Listen

कवचस्यास्य मंत्रस्य मंत्रसिद्धिः प्रजायते ।
अनेन मंत्रराजेन कृत्वा भस्माभिमंत्रणम् ॥ 27 ॥

तिलकं विन्यसेद्यस्तु तस्य ग्रहभयं हरेत् ।
त्रिवारं जपमानस्तु दत्तं वार्यभिमंत्र्य च

Verse 15 Listen

प्राशयेद्यो नरो मंत्रं नृसिंहध्यानमाचरेत् ।
तस्य रोगाः प्रणश्यंति ये च स्युः कुक्षिसंभवाः ॥ 29 ॥

किमत्र बहुनोक्तेन नृसिंहसदृशो भवेत् ।
मनसा चिंतितं यत्तु स तच्चाप्नोत्यसंशयम्

Verse 16 Listen

गर्जंतं गर्जयंतं निजभुजपटलं स्फोटयंतं हठंतं
रूप्यंतं तापयंतं दिवि भुवि दितिजं क्षेपयंतं क्षिपंतम् ।
क्रंदंतं रोषयंतं दिशि दिशि सततं संहरंतं भरंतं
वीक्षंतं घूर्णयंतं शरनिकरशतैर्दिव्यसिंहं नमामि ॥

इति श्रीब्रह्मांडपुराणे प्रह्लादोक्तं श्री नृसिंह कवचम् ।

Narasimha Kavacham – Lyrics, Meaning, Audio & PDF

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Narasimha Kavacham का अर्थ क्या है?

नरसिंह कवचम का पाठ करने से भक्त भगवान नरसिंह की कृपा प्राप्त करते हैं और भय से मुक्ति पाते हैं। यह स्तोत्र भक्तों को मानसिक शांति और साहस प्रदान करता है। इसके माध्यम से आध्यात्मिक सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना उत्पन्न होती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो भय और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।

Narasimha Kavacham की रचना किसने की और यह कहाँ से आई है?

नरसिंह कवचम का उल्लेख विष्णु पुराण में मिलता है और यह संस्कृत भाषा में रचित है। इसका रचनाकार अज्ञात है, लेकिन यह वैष्णव परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Narasimha Kavacham का जाप कब और कैसे करें?

नरसिंह कवचम का पाठ मंगलवार या शनिवार को किया जाना शुभ माना जाता है। इसे सुबह के समय शांत मन से बैठकर पढ़ना चाहिए। इसका उच्चारण स्पष्ट और सही तरीके से करना आवश्यक है। एक दिन में कम से कम तीन बार इसका पाठ करने से विशेष लाभ होता है।

❤️ Narasimha Kavacham के जाप से क्या लाभ होते हैं?

  • भय और संकट से सुरक्षा
  • आत्मविश्वास में वृद्धि
  • मानसिक शांति प्राप्ति
  • आध्यात्मिक सुरक्षा
  • साहस और धैर्य की वृद्धि

Frequently Asked Questions