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Aditya Hrudayam — अर्थ सहित संपूर्ण पाठ

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Surya Deva — devotional image

आदित्य हृदयम् एक भक्ति स्तोत्र है जो सूर्य देव को समर्पित है और इसका मुख्य उद्देश्य सूर्य देव की आराधना करना है। यह स्तोत्र मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने के लिए गाया जाता है।

Hymn
Aditya Hrudayam
Deity
Surya Deva
Number of verses
16
Best day to chant
Sunday
Available languages
English, Telugu, Hindi
Last updated
18 Jul 2026
🎧 Listen to the full Aditya Hrudayam audio

Play along to learn the correct pronunciation and rhythm.

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Aditya Hrudayam के संपूर्ण बोल

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Verse 1 Listen

ततो युद्ध परिश्रांतं समरे चिंतयास्थितम् ।
रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ 1 ॥

दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।
उपागम्याब्रवीद्रामं अगस्त्यो भगवान् ऋषिः

Verse 2 Listen

राम राम महाबाहो शृणु गुह्यं सनातनम् ।
येन सर्वानरीन् वत्स समरे विजयिष्यसि ॥ 3 ॥

आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रु-विनाशनम् ।
जयावहं जपेन्नित्यं अक्षय्यं परमं शिवम्

Verse 3 Listen

सर्वमंगल-मांगल्यं सर्वपाप-प्रणाशनम् ।
चिंताशोक-प्रशमनं आयुर्वर्धनमुत्तमम् ॥ 5 ॥

रश्मिमंतं समुद्यंतं देवासुर नमस्कृतम् ।
पूजयस्व विवस्वंतं भास्करं भुवनेश्वरम्

Verse 4 Listen

सर्वदेवात्मको ह्येष तेजस्वी रश्मिभावनः ।
एष देवासुर-गणान् लोकान् पाति गभस्तिभिः ॥ 7 ॥

एष ब्रह्मा च विष्णुश्च शिवः स्कंदः प्रजापतिः ।
महेंद्रो धनदः कालो यमः सोमो ह्यपां पतिः

Verse 5 Listen

पितरो वसवः साध्या ह्यश्विनौ मरुतो मनुः ।
वायुर्वह्निः प्रजाप्राणः ऋतुकर्ता प्रभाकरः ॥ 9 ॥

आदित्यः सविता सूर्यः खगः पूषा गभस्तिमान् ।
सुवर्णसदृशो भानुः हिरण्यरेता दिवाकरः

Verse 6 Listen

हरिदश्वः सहस्रार्चिः सप्तसप्ति-र्मरीचिमान् ।
तिमिरोन्मथनः शंभुः त्वष्टा मार्तांडकोंऽशुमान् ॥ 11 ॥

हिरण्यगर्भः शिशिरः तपनो भास्करो रविः ।
अग्निगर्भोऽदितेः पुत्रः शंखः शिशिरनाशनः

Verse 7 Listen

व्योमनाथ-स्तमोभेदी ऋग्यजुःसाम-पारगः ।
घनावृष्टिरपां मित्रः विंध्यवीथी प्लवंगमः ॥ 13 ॥

आतपी मंडली मृत्युः पिंगलः सर्वतापनः ।
कविर्विश्वो महातेजा रक्तः सर्वभवोद्भवः

Verse 8 Listen

नक्षत्र ग्रह ताराणां अधिपो विश्वभावनः ।
तेजसामपि तेजस्वी द्वादशात्म-न्नमोऽस्तु ते ॥ 15 ॥

नमः पूर्वाय गिरये पश्चिमायाद्रये नमः ।
ज्योतिर्गणानां पतये दिनाधिपतये नमः

Verse 9 Listen

जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नमः ।
नमो नमः सहस्रांशो आदित्याय नमो नमः ॥ 17 ॥

नम उग्राय वीराय सारंगाय नमो नमः ।
नमः पद्मप्रबोधाय मार्तांडाय नमो नमः

Verse 10 Listen

ब्रह्मेशानाच्युतेशाय सूर्यायादित्य-वर्चसे ।
भास्वते सर्वभक्षाय रौद्राय वपुषे नमः ॥ 19 ॥

तमोघ्नाय हिमघ्नाय शत्रुघ्नाया मितात्मने ।
कृतघ्नघ्नाय देवाय ज्योतिषां पतये नमः

Verse 11 Listen

तप्त चामीकराभाय वह्नये विश्वकर्मणे ।
नमस्तमोऽभि निघ्नाय रवये लोकसाक्षिणे ॥ 21 ॥

नाशयत्येष वै भूतं तदेव सृजति प्रभुः ।
पायत्येष तपत्येष वर्षत्येष गभस्तिभिः

Verse 12 Listen

एष सुप्तेषु जागर्ति भूतेषु परिनिष्ठितः ।
एष एवाग्निहोत्रं च फलं चैवाग्नि होत्रिणाम् ॥ 23 ॥

वेदाश्च क्रतवश्चैव क्रतूनां फलमेव च ।
यानि कृत्यानि लोकेषु सर्व एष रविः प्रभुः

Verse 13 Listen

एन मापत्सु कृच्छ्रेषु कांतारेषु भयेषु च ।
कीर्तयन् पुरुषः कश्चिन्नावशीदति राघव ॥ 25 ॥

पूजयस्वैन मेकाग्रः देवदेवं जगत्पतिम् ।
एतत् त्रिगुणितं जप्त्वा युद्धेषु विजयिष्यसि

Verse 14 Listen

अस्मिन् क्षणे महाबाहो रावणं त्वं वधिष्यसि ।
एवमुक्त्वा तदागस्त्यो जगाम च यथागतम् ॥ 27 ॥

एतच्छ्रुत्वा महातेजाः नष्टशोकोऽभवत्तदा ।
धारयामास सुप्रीतः राघवः प्रयतात्मवान्

Verse 15 Listen

आदित्यं प्रेक्ष्य जप्त्वा तु परं हर्षमवाप्तवान् ।
त्रिराचम्य शुचिर्भूत्वा धनुरादाय वीर्यवान् ॥ 29 ॥

रावणं प्रेक्ष्य हृष्टात्मा युद्धाय समुपागमत् ।
सर्वयत्नेन महता वधे तस्य धृतोऽभवत्

Verse 16 Listen

अध रविरवदन्निरीक्ष्य रामं मुदितमनाः परमं प्रहृष्यमाणः ।
निशिचरपति संक्षयं विदित्वा सुरगण मध्यगतो वचस्त्वरेति ॥ 31 ॥

इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मिकीये आदिकाव्ये युद्धकांडे पंचाधिक शततमः सर्गः ॥

Aditya Hrudayam – Lyrics, Meaning, Audio & PDF

📖 Aditya Hrudayam के बारे में

Aditya Hrudayam is a sacred and powerful hymn dedicated to Surya, the divine source of energy, light, and life. This ancient stotram appears in the Ramayana, where sage Agastya teaches it to Lord Rama on the battlefield before his fight with Ravana. By chanting Aditya Hrudayam, Lord Rama gained confidence, clarity, and divine strength, ultimately leading him to victory. Chanting Aditya Hrudayam daily is believed to remove negativity, reduce stress, and bring mental clarity and inner peace. Devotees recite this Surya stotram for success in life, improved health, and protection from obstacles. It is especially powerful when chanted during sunrise, as it aligns with the energy of the Sun God. Listening to or chanting Aditya Hrudayam regularly can help enhance focus, boost confidence, and attract positive vibrations into your life. Whether you are seeking spiritual growth, courage during difficult times, or overall well-being, Aditya Hrudayam serves as a divine tool to connect with Surya’s blessings and experience inner transformation.

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Aditya Hrudayam का अर्थ क्या है?

आदित्य हृदयम् का जाप भक्तों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। यह सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने का साधन है और इसके माध्यम से आध्यात्मिक उत्थान होता है। इसके नियमित पाठ से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और यह बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।

Aditya Hrudayam की रचना किसने की और यह कहाँ से आई है?

आदित्य हृदयम् का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में किया गया है और इसे महर्षि अगस्त्य द्वारा भगवान राम को युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए सिखाया गया था। इसकी रचना संस्कृत भाषा में की गई है और यह प्राचीन भारतीय धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।

Aditya Hrudayam का जाप कब और कैसे करें?

आदित्य हृदयम् का पाठ रविवार को सूर्योदय के समय करना विशेष फलदायी होता है। इसे कम से कम तीन बार उच्चारण करना चाहिए। जाप के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें और स्पष्ट उच्चारण पर ध्यान दें।

❤️ Aditya Hrudayam के जाप से क्या लाभ होते हैं?

  • मानसिक शांति
  • आत्मविश्वास में वृद्धि
  • सूर्य देव की कृपा
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा
  • बाधाओं का निवारण
  • आध्यात्मिक उत्थान

Frequently Asked Questions