शुभ दिन · भारत · IST
मुंडन मुहूर्त
बच्चे के पहले मुंडन (मुंडन / चूड़ाकरण) के लिए शुभ दिन।
संक्षेप में
आगामी मासों में 5 शुभ मुंडन तिथियाँ हैं (भारत, IST) — जैसे 2 जनवरी, 10 जनवरी, 14 अप्रैल, 17 मई। नीचे प्रत्येक तिथि का नक्षत्र, तिथि और सुझाई गई मुहूर्त अवधि दी गई है।
आगामी शुभ तिथियाँ
जनवरी 2027
अप्रैल 2027
मई 2027
जून 2027
तिथियाँ पूरे भारत के लिए हैं; दिखाई गई मुहूर्त अवधि हैदराबाद/IST संदर्भ की है और शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलती है। अपने परिवार के विवरण के अनुसार सटीक समय पुरोहित से पुष्ट करें।
मुंडन मुहूर्त क्या है?
बच्चे के पहले मुंडन (मुंडन / चूड़ाकरण) के लिए शुभ दिन।
मुंडन (चूड़ाकरण) बच्चे के पहले बाल उतारने का संस्कार है, सामान्यतः पहले या तीसरे वर्ष में। बच्चे के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए अनुकूल नक्षत्र, शुभ तिथि और वार से शुभ दिन चुना जाता है।
वरीय नक्षत्रों में अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और रेवती हैं। बच्चे का अपना जन्म नक्षत्र, तथा भद्रा, अमावस्या और अशुभ योग टाले जाते हैं।
नीचे दी गई तिथियाँ भारत (IST) के पंचांग से गणना की गई हैं। बच्चे के जन्म नक्षत्र के अनुसार दिन की पुष्टि पुरोहित से करें।
मुंडन मुहूर्त कैसे चुनें
- 1 नीचे दी गई सूची से एक अनुकूल नक्षत्र और शुभ तिथि चुनें।
- 2 भद्रा (विष्टि करण), अमावस्या, रिक्ता तिथि और अशुभ योग (व्यतीपात, वैधृति) टालें।
- 3 चुने हुए दिन के भीतर अभिजित मुहूर्त या अमृत काल जैसी शुभ मुहूर्त अवधि का उपयोग करें।
- 4 सटीक समय अपने परिवार के जन्म विवरण के अनुसार पुरोहित से पुष्ट करें।
How this is calculated
Auspicious dates are selected from the panchang by weighing the nakshatra, tithi, weekday and yoga, and excluding inauspicious periods — Bhadra (Vishti karana), Amavasya, Rikta tithis and yogas such as Vyatipata and Vaidhriti — following classical muhurta guidance (Dharmasindhu / Nirnaya Sindhu). A personal muhurta also weighs your family's birth details; confirm with a priest.
सामान्य प्रश्न
मुंडन किस आयु में किया जाता है?
मुंडन सामान्यतः विषम आयु में — बच्चे के पहले, तीसरे या पाँचवें वर्ष में — और पारंपरिक रूप से पाँचवें वर्ष से पहले किया जाता है। शुभ दिन पंचांग से चुना जाता है।
मुंडन के लिए कौन-से नक्षत्र अच्छे हैं?
अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और रेवती — बच्चे के अपने जन्म नक्षत्र से बचते हुए।
मुंडन के लिए कौन-से मास सर्वोत्तम हैं?
उत्तरायण के मास जैसे माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ और शुक्ल पक्ष वरीय हैं; मुंडन सामान्यतः माता या बच्चे के जन्म मास और मलमास (अधिक मास) में टाला जाता है।
मुंडन संस्कार में किसकी पूजा होती है?
निर्विघ्न संस्कार के लिए पहले गणेश पूजा होती है, और कई परिवार कुलदेवता के मंदिर या तिरुपति/तिरुमला या बालाजी मंदिर जैसे स्थलों पर मुंडन करते हैं।
क्या मुंडन मंदिर में किया जा सकता है?
हाँ — कई परिवार बच्चे का पहला मुंडन तिरुमला (तिरुपति), वैष्णो देवी या स्थानीय कुलदेवता मंदिर में करने का संकल्प लेते हैं; फिर भी शुभ दिन पर करना सर्वोत्तम है।
मुंडन के बाद बालों का क्या किया जाता है?
उतारे गए बाल पारंपरिक रूप से पवित्र नदी में प्रवाहित किए जाते हैं या मंदिर में अर्पित किए जाते हैं — पूर्व जन्मों की नकारात्मकता हटाने और बच्चे की दीर्घायु की प्रार्थना के प्रतीक रूप में।