Baglamukhi Chalisa — अर्थ सहित संपूर्ण पाठ
Free complete guide with audio learning, line-by-line meaning, and practice session. Master the Baglamukhi Chalisa in just one hour.
बगलामुखी चालीसा एक भक्तिमय भजन है जो देवी बगलामुखी को समर्पित है, और इसका मुख्य उद्देश्य भक्तों की बुरी शक्तियों से रक्षा करना है। यह चालीसा 12 चौपाइयों में देवी की महिमा का गुणगान करती है।
- Hymn
- Baglamukhi Chalisa
- Deity
- Goddess Durga
- Number of verses
- 12
- Best day to chant
- Friday
- Available languages
- English, Telugu, Hindi
- Last updated
- 18 Jul 2026
Play along to learn the correct pronunciation and rhythm.
📖 Read Baglamukhi Chalisa in other languages: Baglamukhi Chalisa in English, Baglamukhi Chalisa in Telugu
Baglamukhi Chalisa के संपूर्ण बोल
📄 Download Hindi PDFOpening Doha
नमो महाविधा वरदा ।
बगलामुखी दयाल ॥
स्तम्भन क्षण में करे ।
सुमरित अरिकुल काल ॥
1 - 4
नमो नमो पीताम्बर भवानी ।
बगलामुखी नमो कल्याणी ॥1॥
भक्त वत्सल शत्रु नाशनी ।
नमो महाविद्या वरदानी ॥2॥
अनृत सागर बीच तुन्हारा ।
रत्न जड़ित मणि मंडित प्यारा ॥3॥
स्वर्ण सिंहासन पर आसीना ।
पीताम्बर अति दिव्य नवीना
5 - 6
स्वर्णाभूषण सुंदर धारे ।
शिर पर चंद्र मुकुट श्रृंगारे ॥5॥
तीन नेत्र दो भुज मृणाला ।
धारे मुद्गर पाश कराला ॥6॥
भैरव करें सदा सेवरकाई ।
सिद्ध काम सब विघ्न नरसाई ॥7॥
तुम हताश का निपात सहारा ।
करे अकिंचन अरिकुल धारा
9 - 12
तुम काली तारा भवनेशी ।
त्रिपुरा सुंदरी भैरवी वेशी ॥9॥
छिन्नभाला धूम मातंगी ।
गायत्री तुम बगला रंगी ॥10॥
सकल शक्तियाँ तुम में साजें ।
ह्लीं बीज के बीज बिराजें ॥11॥
दुष्ट स्तंभन अरिकुल कीलन ।
मारण वशीकरण सम्मोहन
13 - 16
दुष्टोच्चाटन कारक माता ।
अरि जिह्वा कीलक संघाता ॥13॥
साधक के विपति की त्राता ।
नमो महामाया प्रख्याता ॥14॥
मुद्गर शिला लिये अति भारी ।
प्रेतासन पर किये सवारी ॥15॥
तीन लोक दस दिशा भवानी ।
बिचरहु तुम जन हित कल्याणी
17 - 20
अरि अरिष्ट सोचे जो जन को ।
बुद्धि नाशकर कीलक तन को ॥17॥
हाथ पांव बंधहुं तुम ताके ।
हनहु जिह्वा बीच मुद्गर बाके ॥18॥
चोरों का जब संकट आवे ।
रण में रिपुओं से घिर जावे ॥19॥
अनल अनिल बिप्लव घहरावे ।
वाद विवाद न निर्णय पावे
21 - 24
मूठ आदि अभिचारण संकट ।
राजभीति आपत्ति सन्निकट ॥21॥
ध्यान करत सब कष्ट नसावे ।
भूत प्रेत न बाधा आवे ॥22॥
सुमिरत राजद्वार बंध जावे ।
सभा बीच स्तंभवन छावे ॥23॥
नाग सर्प बृच्छ्रिकादि भयंकर ।
खल विहंग भागहिं सब सत्वर
25 - 28
सर्व रोग की नाशन हारी ।
अरिकुल मूलोच्चाटन कारी ॥25॥
स्त्री पुरुष राज सम्मोहक ।
नमो नमो पीताम्बर सोहक ॥26॥
तुमको सदा कुबेर मनावें ।
श्री संवृद्धि सुयश नित गावें ॥27॥
शक्ति शौर्य की तुन्हिं विधाता ।
दुःख दारिद्र विनाशक माता
29 - 32
यश ऐश्वर्य सिद्धि की दाता ।
शत्रु नाशिनी विजय प्रदाता ॥29॥
पीताम्बर नमो कल्याणी ।
नमो मातु बगला महारानी ॥30॥
जो तुमको सुमरै चितरलई ।
योग क्षेम से करो सरहई ॥31॥
आपत्ति जन की तुरत निवारो ।
आधि व्याधि संकट सब टारो
33 - 36
पूजा विधि नहीं जानत तुन्हारी ।
अर्थ न अक्षर करहुं निहोरी ॥33॥
मैं कुपुत्र अति निवल उपाया ।
हाथ जोड़ शरणागत आया ॥34॥
जग में केवल तुन्हिं सहारा ।
सारे संकट करहुं निवारा ॥35॥
नमो महादेवी हे माता ।
पीताम्बर नमो सुखदाता
37 -40
सौम्य रूप धारा बनती माता ।
सुख संपत्ति सुयश की दाता ॥37॥
रौद्र रूप धारा शत्रु संहारो ।
अरि जिह्वा में मुद्गर मारो ॥38॥
नमो महाविद्या आगारा ।
आदि शक्ति सुंदरी अपारा ॥39॥
अरि भंजक विपत्ति की त्राता ।
दया करो पीताम्बरी माता
Closing Doha
ऋद्धि सिद्धि दाता तुन्हिं ।
अरि समूल कुल काल ॥
मेरी सब बाधा हरो ।
मम बगले तत्काल ॥
📄 Download PDF — Baglamukhi Chalisa
Baglamukhi Chalisa का अर्थ क्या है?
बगलामुखी चालीसा का जाप भक्तों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। देवी बगलामुखी को संकटों का नाशक और शत्रुओं की शक्ति को नष्ट करने वाली देवी माना जाता है। भक्त इस चालीसा का पाठ करके अपनी समस्याओं का समाधान और आध्यात्मिक संरक्षण प्राप्त करने की आकांक्षा रखते हैं। यह चालीसा नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति दिलाने में सहायक मानी जाती है।
Baglamukhi Chalisa की रचना किसने की और यह कहाँ से आई है?
बगलामुखी चालीसा का रचनाकार अज्ञात है, और यह हिंदी भाषा में रची गई है। यह चालीसा देवी बगलामुखी की स्तुति के प्राचीन परम्पराओं का हिस्सा है, जो हिन्दू धर्मग्रंथों में विशेष स्थान रखती है।
Baglamukhi Chalisa का जाप कब और कैसे करें?
बगलामुखी चालीसा का पाठ मंगलवार या गुरुवार को करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसे प्रातःकाल या संध्या के समय एकाग्रचित्त होकर 11 या 21 बार जपना चाहिए। पाठ के समय स्वच्छ और शांत वातावरण में बैठकर उच्चारण स्पष्ट और शुद्ध होना चाहिए।
❤️ Baglamukhi Chalisa के जाप से क्या लाभ होते हैं?
- ✓ शत्रुओं से रक्षा
- ✓ नकारात्मक शक्तियों का नाश
- ✓ मानसिक शांति की प्राप्ति
- ✓ आत्मविश्वास में वृद्धि
- ✓ कानूनी विवादों में सफलता
- ✓ आध्यात्मिक उन्नति