Lingashtakam — अर्थ सहित संपूर्ण पाठ
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शिव के लिए समर्पित 'लिंगाष्टकम' एक भक्ति स्तोत्र है जिसका मुख्य उद्देश्य शिवलिंग की महिमा का गान करना है।
- Hymn
- Lingashtakam
- Deity
- Lord Shiva
- Number of verses
- 9
- Best day to chant
- Monday
- Available languages
- English, Telugu, Hindi
- Last updated
- 18 Jul 2026
Play along to learn the correct pronunciation and rhythm.
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Lingashtakam के संपूर्ण बोल
📄 Download Hindi PDFVerse 1
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं
निर्मलभासित शोभित लिंगम् ।
जन्मज दुःख विनाशक लिंगं [विनाशन]
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्
Verse 2
देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं
कामदहन करुणाकर लिंगम् ।
रावण दर्प विनाशन लिंगं
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्
Verse 3
सर्व सुगंध सुलेपित लिंगं
बुद्धि विवर्धन कारण लिंगम् ।
सिद्ध सुरासुर वंदित लिंगं
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्
Verse 4
कनक महामणि भूषित लिंगं
फणिपति वेष्टित शोभित लिंगम् ।
दक्षसुयज्ञ विनाशन लिंगं
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्
Verse 5
कुंकुम चंदन लेपित लिंगं
पंकज हार सुशोभित लिंगम् ।
संचित पाप विनाशन लिंगं
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्
Verse 6
देवगणार्चित सेवित लिंगं
भावै-र्भक्तिभिरेव च लिंगम् ।
दिनकर कोटि प्रभाकर लिंगं
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्
Verse 7
अष्टदलोपरिवेष्टित लिंगं
सर्वसमुद्भव कारण लिंगम् ।
अष्टदरिद्र विनाशन लिंगं
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्
Verse 8
सुरगुरु सुरवर पूजित लिंगं
सुरवन पुष्प सदार्चित लिंगम् ।
परात्परं (परमपदं) परमात्मक लिंगं
तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्
Verse 9
लिंगाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेश्शिव सन्निधौ ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥
📄 Download PDF — Lingashtakam
Lingashtakam का अर्थ क्या है?
'लिंगाष्टकम' का जाप करने से भक्तों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और यह उनके जीवन में शांति और समृद्धि लाता है। शिवलिंग की उपासना से आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है। यह स्तोत्र भक्तों को शिव के प्रति उनकी भक्ति को गहरा करने में सहायक होता है।
Lingashtakam की रचना किसने की और यह कहाँ से आई है?
'लिंगाष्टकम' के रचनाकार की पहचान स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह स्तोत्र संस्कृत भाषा में लिखा गया है। यह प्राचीन काल से शिव भक्ति परंपरा का हिस्सा है और शिवलिंग की महत्ता को दर्शाता है।
Lingashtakam का जाप कब और कैसे करें?
'लिंगाष्टकम' का जाप सोमवार को या महाशिवरात्रि के दिन शुभ माना जाता है। प्रातःकाल में स्नान के बाद विशेष रूप से शिवलिंग के समक्ष बैठकर इसका पाठ करना चाहिए। जाप के दौरान ध्यान भगवान शिव पर केंद्रित रखना चाहिए।
❤️ Lingashtakam के जाप से क्या लाभ होते हैं?
- ✓ भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है
- ✓ आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है
- ✓ जीवन में शांति और समृद्धि लाता है
- ✓ भक्तों की भक्ति को गहरा करता है