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पंचांग — 19 जुलाई 2025

भारत · IST · लाहिरी अयनांश · हैदराबाद संदर्भ

18 जुलाई 19 जुलाई 20 जुलाई आज

संक्षेप में

19 जुलाई 2025 को (भारत, IST), तिथि कृष्ण पक्ष नवमी; नक्षत्र भरणी; राहु काल 9:06 AM – 10:44 AM; अभिजित मुहूर्त 11:56 AM – 12:48 PM।

19 जुलाई 2025 का पंचांग एक नज़र में

तिथि कृष्ण पक्ष नवमी
नक्षत्र भरणी
योग शूल
करण गर
वार शनिवार
राहु काल 9:06 AM – 10:44 AM
अभिजित मुहूर्त 11:56 AM – 12:48 PM
सूर्योदय 5:50 AM
सूर्यास्त 6:54 PM

राहु काल

9:06 AM – 10:44 AM

नया या शुभ काम शुरू करने से बचें

अभिजित मुहूर्त

11:56 AM – 12:48 PM

शुभ मुहूर्त — महत्वपूर्ण कार्य के लिए उत्तम

शनिवार

कृष्ण पक्ष नवमी

2:42 PM तक, फिर दशमी

19 जुलाई 2025

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त 4:14 AM – 5:02 AM

प्रातःपूर्व — जप, अध्ययन, ध्यान

अभिजित मुहूर्त 11:56 AM – 12:48 PM

किसी भी शुभ आरंभ के लिए मध्याह्न विकल्प

विजय मुहूर्त 2:33 PM – 3:25 PM

यात्रा आरंभ के लिए शुभ

गोधूलि मुहूर्त 6:54 PM – 7:18 PM

सूर्यास्त के आसपास गोधूलि

प्रातः संध्या 4:38 AM – 5:50 AM

प्रातः संध्या

सायं संध्या 6:54 PM – 8:06 PM

सायं संध्या

अशुभ मुहूर्त

राहु काल 9:06 AM – 10:44 AM

नए कार्य, सौदे और यात्रा से बचें

यमगण्ड 2:00 PM – 3:38 PM

दिन का अशुभ आठवाँ भाग

गुलिक काल 5:50 AM – 7:28 AM

नए कार्यों के लिए सामान्यतः टाला जाता है

दुर्मुहूर्त 8:27 AM – 9:19 AM; 11:03 AM – 11:56 AM

दिनमान के अशुभ मुहूर्त

सूर्य एवं चंद्र

सूर्योदय
5:50 AM
सूर्यास्त
6:54 PM
चंद्रोदय
12:20 AM
चंद्रास्त
1:44 PM

दिनमान 13h 4m

पंच अंग

इस सूर्योदय-से-सूर्योदय दिन के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं वार।

तिथि
कृष्ण पक्ष नवमी 2:42 PM तक
फिर दशमी
नक्षत्र
भरणी 12:36 AM, Jul 20 तक
फिर कृत्तिका
योग
शूल 12:53 AM, Jul 20 तक
फिर गण्ड
करण
गर 2:42 PM तक
फिर वणिज
गर 2:42 PM तक → वणिज
वार
शनिवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

कैलेंडर संदर्भ

पक्ष
कृष्ण पक्ष
सूर्य राशि
कर्क
चंद्र राशि
मेष
अयन
दक्षिणायन
मध्याह्न
12:22 PM

आध्यात्मिक महत्व

शनिवार पारंपरिक रूप से शनि और भगवान वेंकटेश्वर से संबंधित है।

भरणी संयम, परिवर्तन और कार्य को पूर्ण करने से जुड़ी है।

भक्तजन घी का दीपक जलाकर अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार प्रार्थना कर सकते हैं।

आज के मंत्र

  • Om Sri Venkatesaya Namaha
    शनि · 108 बार

How this is calculated

Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.

Reviewed by Thanuja, Astrologer (6+ yrs) Lahiri ayanamsha · Drik method · India/IST

पंचांग कैसे पढ़ें

पंचांग किसी स्थान और तिथि के लिए वैदिक घड़ी है। पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से (लाहिरी अयनांश) गणना किए जाते हैं। त्योहार की तिथियाँ तिथि से चलती हैं; नामकरण और कई संकल्पों में पाँचों अंग बोले जाते हैं।

राहु काल और अभिजित जैसे मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच से काटे जाते हैं, इसलिए ये शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलते हैं। इस पृष्ठ पर हैदराबाद, भारत (IST) संदर्भ है। तिथि और नक्षत्र के समाप्ति-समय खगोलीय हैं और पूरे देश में लगभग समान रहते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 19 जुलाई 2025 (19 जुलाई 2025) शुभ दिन है?

19 जुलाई 2025 को तिथि कृष्ण पक्ष नवमी; नक्षत्र भरणी; राहु काल (अशुभ) 9:06 AM – 10:44 AM; शुभ अभिजित मुहूर्त लगभग 11:56 AM – 12:48 PM। नए आरंभ के लिए शुभ अवधियों (अभिजित, अमृत काल, ब्रह्म मुहूर्त) को चुनें और राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल से बचें।

19 जुलाई 2025 तिथि क्या है?

19 जुलाई 2025 तिथि कृष्ण पक्ष नवमी है (हिन्दू चंद्र दिवस, हैदराबाद/IST संदर्भ)।

19 जुलाई 2025 कौन सा नक्षत्र है?

19 जुलाई 2025 नक्षत्र (तारा) भरणी है।

19 जुलाई 2025 राहु काल कब है?

19 जुलाई 2025 राहु काल 9:06 AM – 10:44 AM है (IST, हैदराबाद संदर्भ)। इस अवधि में यात्रा, अनुबंध या शुभ संस्कार आरंभ करने से बचें।

पंचांग क्या है?

पंचांग वैदिक पंचांग (कैलेंडर) है। "पंच-अंग" का अर्थ है पाँच अंग: तिथि (चंद्र दिवस), वार (दिन), नक्षत्र, योग और करण। ये मिलकर पूजा, व्रत और मुहूर्त-चयन के लिए दिन की गुणवत्ता बताते हैं।

आज के पाँच अंग कैसे पढ़ें?

पहले तिथि और नक्षत्र देखें — अधिकांश व्रत-त्योहार चंद्र तिथि से और नामकरण/यात्रा की परंपराएँ नक्षत्र से चलती हैं। फिर योग और करण (आधी तिथि) देखें। विष्टि करण, जिसे भद्रा कहते हैं, नए आरंभ के लिए टाला जाता है। वार एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है।

सूर्योदय और राहु काल शहर के अनुसार क्यों बदलते हैं?

पंचांग का समय किसी भौगोलिक स्थान के लिए गणना किया जाता है। इस पृष्ठ पर हैदराबाद (भारत, IST) संदर्भ है। सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन का आठ-भाग विभाजन (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, अभिजित) पूरे भारत में कुछ मिनट बदलते हैं; तिथि और नक्षत्र के समाप्ति-समय खगोलीय हैं और लगभग समान रहते हैं।

राहु काल क्या है?

राहु काल प्रतिदिन का लगभग 90 मिनट का अशुभ समय है, जो वार के अनुसार दिनमान के अलग-अलग आठवें भाग में पड़ता है। यात्रा, अनुबंध या शुभ संस्कार आरंभ करने के लिए इसे टाला जाता है; पहले से चल रही नित्य पूजा रोकने की आवश्यकता नहीं।

अभिजित मुहूर्त क्या है?

अभिजित दिनमान का आठवाँ मुहूर्त है, लगभग स्थानीय दोपहर के आसपास। इसे स्वभाव से शुभ माना जाता है और महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए, जब कोई अन्य शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, सामान्य विकल्प के रूप में लिया जाता है।