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व्रत एवं पर्व तिथियाँ · भारत · IST

अमावस्या 2026

इस वर्ष की सभी अमावस्या (नव चंद्र) तिथियाँ — पितृ तर्पण, श्राद्ध और उपायों के लिए।

आगामी अमावस्या: सोमवार, 9 नवंबर · Govardhan Puja

संक्षेप में

इस वर्ष 2026 में 12 अमावस्या तिथियाँ हैं (भारत, IST), और अगली सोमवार, 9 नवंबर। पूरी सूची नीचे है — किसी भी तिथि पर टैप करके उस दिन का पंचांग देखें।

अमावस्या · 2026

जनवरी 2026

रविवार, 18 जनवरी
Mauni Amavasya Maghi Amavasya · कृष्ण पक्ष · पूर्वाषाढ़ा

फ़रवरी 2026

मंगलवार, 17 फ़रवरी
Surya Grahan (Solar Eclipse) · कृष्ण पक्ष · धनिष्ठा

मार्च 2026

गुरुवार, 19 मार्च
Ugadi · कृष्ण पक्ष · उत्तरा भाद्रपदा

अप्रैल 2026

शुक्रवार, 17 अप्रैल
कृष्ण पक्ष · रेवती

मई 2026

शनिवार, 16 मई
Vat Savitri Vrat · कृष्ण पक्ष · भरणी

जून 2026

सोमवार, 15 जून
Mithuna Sankranti · कृष्ण पक्ष · मृगशिरा

जुलाई 2026

मंगलवार, 14 जुलाई
कृष्ण पक्ष · पुनर्वसु

अगस्त 2026

बुधवार, 12 अगस्त
Hariyali Amavasya · कृष्ण पक्ष · पुष्य

सितंबर 2026

शुक्रवार, 11 सितंबर
कृष्ण पक्ष · पूर्वा फाल्गुनी

अक्टूबर 2026

शनिवार, 10 अक्टूबर
Amavasya Shraddha Tithi during Pitru Paksha · कृष्ण पक्ष · हस्त

नवंबर 2026

सोमवार, 9 नवंबर आगामी
Govardhan Puja · कृष्ण पक्ष · स्वाति

दिसंबर 2026

मंगलवार, 8 दिसंबर
Amavasya New Moon · कृष्ण पक्ष · अनुराधा

भारत (IST · हैदराबाद संदर्भ) के पंचांग से गणना। तिथि के किसी सूर्योदय पर फैलने या छूटने पर क्षेत्रीय पंचांग कभी-कभी एक दिन भिन्न हो सकता है।

अमावस्या क्या है?

इस वर्ष की सभी अमावस्या (नव चंद्र) तिथियाँ — पितृ तर्पण, श्राद्ध और उपायों के लिए।

अमावस्या नव-चंद्र दिवस है — कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, लगभग प्रत्येक चंद्र मास में एक बार। यह पितृ तर्पण और श्राद्ध (पूर्वजों को अर्पण) तथा कुछ उपायों और व्रतों के लिए महत्वपूर्ण दिन है।

कई अमावस्याओं का विशेष महत्व है — मौनी अमावस्या, सोमवती अमावस्या (सोमवार को) और महालय/पितृ पक्ष अमावस्या। अमावस्या पर नए आरंभ और शुभ संस्कार सामान्यतः टाले जाते हैं।

नीचे दी गई तिथियाँ भारत (IST) के पंचांग से गणना की गई हैं। किसी भी तिथि पर टैप करके उस दिन का पूरा पंचांग देखें।

अमावस्या कैसे मनाएँ

  1. 1 व्रत के दिन प्रातः जल्दी उठें, स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  2. 2 दिनभर व्रत का पालन करें — जहाँ निर्धारित हो वहाँ अन्न से बचते हुए।
  3. 3 इष्ट देवता की पूजा और प्रार्थना करें, जप और व्रत कथा के पाठ सहित।
  4. 4 निर्धारित समय पर व्रत का पारण करें — सटीक अवधि के लिए उस दिन का पंचांग देखें।

How this is calculated

Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.

Reviewed by Thanuja, Astrologer (6+ yrs) Lahiri ayanamsha · Drik method · India/IST

सामान्य प्रश्न

अमावस्या को क्या किया जाता है?

अमावस्या मुख्यतः पितृ कार्य का दिन है — पितृ तर्पण और श्राद्ध — साथ ही कुछ उपाय, ध्यान और व्रत। दान और पवित्र स्नान भी प्रचलित हैं।

क्या अमावस्या शुभ है या अशुभ?

अमावस्या पर विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य आरंभ नहीं किए जाते, पर यह पितृ पूजा, ध्यान और विशेष साधनाओं के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।

सोमवती अमावस्या क्या है?

सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या। यह विवाहित स्त्रियों और पितृ कार्य के लिए विशेष शुभ मानी जाती है, और व्रत तथा पीपल-पूजा के साथ मनाई जाती है।

मौनी अमावस्या क्या है?

माघ मास की अमावस्या, जो मौन रहकर पवित्र स्नान के साथ मनाई जाती है — माघ मेला / कुंभ के सबसे महत्वपूर्ण स्नान दिनों में से एक।

एक वर्ष में कितनी अमावस्या होती हैं?

सामान्यतः 12 — प्रत्येक चंद्र मास में एक; अधिक मास वाले वर्ष में 13।

अमावस्या पर क्या नहीं करना चाहिए?

नए कार्य, विवाह और गृह प्रवेश टाले जाते हैं। कुछ परंपराएँ रात्रि यात्रा और मांसाहार से भी बचने की सलाह देती हैं।

Subramanya Abhishekam
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