हिन्दू कैलेंडर एवं पंचांग · भारत · IST
हिन्दू कैलेंडर 2026
मास-दर-मास पंचांग — दैनिक तिथि एवं नक्षत्र, त्योहार, व्रत और शुभ मुहूर्त सहित। पूरा ग्रिड देखने के लिए माह चुनें।
संक्षेप में
2026 का हिन्दू कैलेंडर भारत (IST) के लिए प्रत्येक दिन की तिथि और नक्षत्र, तथा सभी त्योहार, अमावस्या, पूर्णिमा, एकादशी और व्रत दिवस देता है। नीचे कोई माह चुनकर उसका पूरा पंचांग ग्रिड खोलें।
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2027
आगामी त्योहार
हिन्दू कैलेंडर के बारे में
हिन्दू कैलेंडर (पंचांग) दिन को केवल अंग्रेज़ी तारीख से नहीं, बल्कि चंद्रमा और सूर्य से मापता है। प्रत्येक दिन के पाँच अंग होते हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — और इन्हीं से त्योहार, व्रत और शुभ मुहूर्त की तिथियाँ निकाली जाती हैं।
चूँकि त्योहार चंद्र तिथि से चलते हैं, उनकी अंग्रेज़ी तारीख हर वर्ष बदलती है और क्षेत्रों में एक दिन भिन्न हो सकती है। ये पृष्ठ भारत (IST) के लिए हैदराबाद संदर्भ से पंचांग की गणना करते हैं और प्रत्येक त्योहार एवं व्रत को उसके पूर्ण विवरण से जोड़ते हैं।
How this is calculated
Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.
सामान्य प्रश्न
हिन्दू कैलेंडर (पंचांग) क्या है?
पंचांग पारंपरिक हिन्दू पंचांग है। प्रत्येक दिन के लिए यह पाँच अंग (पंच-अंग) देता है — तिथि (चंद्र दिवस), वार (दिन), नक्षत्र (तारा), योग और करण — जिनसे त्योहार, व्रत और शुभ मुहूर्त निर्धारित होते हैं।
किसी विशेष माह के त्योहार कैसे देखें?
नीचे माह चुनें और उसका कैलेंडर ग्रिड खोलें। प्रत्येक दिन तिथि और नक्षत्र दिखाता है, और त्योहार, अमावस्या, पूर्णिमा एवं व्रत दिवस उनके पूर्ण विवरण के लिंक सहित चिह्नित होते हैं।
हिन्दू त्योहार की तिथियाँ हर वर्ष क्यों बदलती हैं?
अधिकांश हिन्दू त्योहार अंग्रेज़ी तारीख के बजाय चंद्र तिथि और नक्षत्र से तय होते हैं, और चंद्र-सौर कैलेंडर के आपसी अंतर के कारण वही त्योहार हर वर्ष अलग अंग्रेज़ी तारीख पर आता है।
शुक्ल और कृष्ण पक्ष में क्या अंतर है?
एक चंद्र मास के दो पक्ष होते हैं: शुक्ल पक्ष (अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़ता चंद्रमा) और कृष्ण पक्ष (पूर्णिमा से अगली अमावस्या तक घटता चंद्रमा)।