व्रत एवं पर्व तिथियाँ · भारत · IST

संकष्टी चतुर्थी 2026

इस वर्ष की सभी संकष्टी चतुर्थी तिथियाँ — मासिक गणेश व्रत, चंद्रोदय पर पारण।

संक्षेप में

इस वर्ष 2026 में 4 संकष्टी चतुर्थी तिथियाँ हैं (भारत, IST)। पूरी सूची नीचे है — किसी भी तिथि पर टैप करके उस दिन का पंचांग देखें।

संकष्टी चतुर्थी · 2026

जून 2026

गुरुवार, 4 जून
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जुलाई 2026

शनिवार, 4 जुलाई
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अगस्त 2026

रविवार, 2 अगस्त
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सितंबर 2026

मंगलवार, 1 सितंबर
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भारत (IST · हैदराबाद संदर्भ) के पंचांग से गणना। तिथि के किसी सूर्योदय पर फैलने या छूटने पर क्षेत्रीय पंचांग कभी-कभी एक दिन भिन्न हो सकता है।

संकष्टी चतुर्थी क्या है?

इस वर्ष की सभी संकष्टी चतुर्थी तिथियाँ — मासिक गणेश व्रत, चंद्रोदय पर पारण।

संकष्टी चतुर्थी (संकटहरा चतुर्थी) कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को, प्रत्येक चंद्र मास में एक बार पड़ती है और भगवान गणेश को समर्पित है। व्रत दिनभर रखा जाता है और रात को चंद्र दर्शन के बाद तोड़ा जाता है।

जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो इसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं और विशेष शुभ माना जाता है। भक्तजन बाधाओं के निवारण के लिए गणेश की पूजा करते हैं।

नीचे दी गई तिथियाँ भारत (IST) के पंचांग से गणना की गई हैं। किसी भी तिथि पर टैप करके उस दिन का पूरा पंचांग और चंद्रोदय समय देखें।

संकष्टी चतुर्थी कैसे मनाएँ

  1. 1 व्रत के दिन प्रातः जल्दी उठें, स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  2. 2 दिनभर व्रत का पालन करें — जहाँ निर्धारित हो वहाँ अन्न से बचते हुए।
  3. 3 इष्ट देवता की पूजा और प्रार्थना करें, जप और व्रत कथा के पाठ सहित।
  4. 4 निर्धारित समय पर व्रत का पारण करें — सटीक अवधि के लिए उस दिन का पंचांग देखें।

How this is calculated

Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.

Reviewed by Thanuja, Astrologer (6+ yrs) Lahiri ayanamsha · Drik method · India/IST

सामान्य प्रश्न

संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब तोड़ा जाता है?

रात को चंद्र दर्शन के बाद — व्रत दिनभर रखा जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देकर तोड़ा जाता है। चंद्रोदय समय के लिए तिथि पर टैप करें।

संकष्टी चतुर्थी पर किसकी पूजा होती है?

भगवान गणेश, विघ्नहर्ता। भक्तजन दूर्वा और मोदक से पूजा करते हैं और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं।

अंगारकी चतुर्थी क्या है?

मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी। इसे वर्ष की सबसे शक्तिशाली संकष्टी माना जाता है और कहा जाता है कि यह पूरे वर्ष के व्रत का फल देती है।

यह विनायक चतुर्थी से कैसे भिन्न है?

संकष्टी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को होती है और चंद्रोदय पर व्रत टूटता है; विनायक चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को दिन में मनाई जाती है। दोनों गणेश को समर्पित हैं।

संकष्टी चतुर्थी व्रत के क्या लाभ हैं?

माना जाता है कि यह बाधाओं को दूर करता है, मनोकामनाएँ पूर्ण करता है और गणेश की कृपा तथा समृद्धि लाता है; विशेषकर संतान और परिवार के कल्याण के लिए रखा जाता है।

एक वर्ष में कितनी संकष्टी चतुर्थी होती हैं?

सामान्यतः 12 — प्रत्येक चंद्र मास में एक; अधिक मास वाले वर्ष में 13।

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