शुभ दिन · भारत · IST

विवाह मुहूर्त 2026

स्थायी एवं सुखद विवाह के लिए शुभ विवाह तिथियाँ (विवाह / कल्याण मुहूर्त)।

संक्षेप में

2026 में 23 शुभ विवाह तिथियाँ हैं (भारत, IST) — जैसे 10 जून, 11 जून, 25 जून, 27 जून। नीचे प्रत्येक तिथि का नक्षत्र, तिथि और सुझाई गई मुहूर्त अवधि दी गई है।

2026 में शुभ तिथियाँ

जून 2026

बुधवार, 10 जून
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र · कृष्ण पक्ष दशमी
मुहूर्त
11:49 AM – 12:41 PM
Uttara Bhadrapada nakshatra Shubh tithi Wednesday
पूरा पंचांग →
गुरुवार, 11 जून
रेवती नक्षत्र · कृष्ण पक्ष एकादशी
मुहूर्त
11:49 AM – 12:41 PM
Revati nakshatra Shubh tithi Thursday
पूरा पंचांग →
गुरुवार, 25 जून
स्वाति नक्षत्र · शुक्ल पक्ष एकादशी
मुहूर्त
11:52 AM – 12:44 PM
Swati nakshatra Shubh tithi Thursday
पूरा पंचांग →
शनिवार, 27 जून
अनुराधा नक्षत्र · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
मुहूर्त
11:53 AM – 12:45 PM
Anuradha nakshatra Shubh tithi
पूरा पंचांग →
सोमवार, 29 जून
मूल नक्षत्र · शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
मुहूर्त
11:53 AM – 12:45 PM
Moola nakshatra Shubh tithi Monday
पूरा पंचांग →

जुलाई 2026

गुरुवार, 2 जुलाई
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · कृष्ण पक्ष द्वितीया
मुहूर्त
11:54 AM – 12:46 PM
Uttara Ashadha nakshatra Shubh tithi Thursday
पूरा पंचांग →
मंगलवार, 7 जुलाई
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र · कृष्ण पक्ष सप्तमी
मुहूर्त
11:54 AM – 12:46 PM
Uttara Bhadrapada nakshatra Shubh tithi Sarvartha Siddhi Yoga
पूरा पंचांग →
बुधवार, 8 जुलाई
रेवती नक्षत्र · कृष्ण पक्ष अष्टमी
मुहूर्त
11:55 AM – 12:47 PM
Revati nakshatra Wednesday
पूरा पंचांग →
रविवार, 12 जुलाई
रोहिणी नक्षत्र · कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
मुहूर्त
11:55 AM – 12:47 PM
Rohini nakshatra Shubh tithi
पूरा पंचांग →
सोमवार, 20 जुलाई
हस्त नक्षत्र · शुक्ल पक्ष सप्तमी
मुहूर्त
11:56 AM – 12:48 PM
Hasta nakshatra Shubh tithi Monday
पूरा पंचांग →
शुक्रवार, 24 जुलाई
अनुराधा नक्षत्र · शुक्ल पक्ष दशमी
मुहूर्त
11:56 AM – 12:48 PM
Anuradha nakshatra Shubh tithi Friday
पूरा पंचांग →
सोमवार, 27 जुलाई
मूल नक्षत्र · शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
मुहूर्त
11:56 AM – 12:48 PM
Moola nakshatra Shubh tithi Monday
पूरा पंचांग →

अगस्त 2026

सोमवार, 3 अगस्त
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र · कृष्ण पक्ष पंचमी
मुहूर्त
11:56 AM – 12:47 PM
Uttara Bhadrapada nakshatra Shubh tithi Monday
पूरा पंचांग →
शनिवार, 8 अगस्त
रोहिणी नक्षत्र · कृष्ण पक्ष दशमी
मुहूर्त
11:56 AM – 12:47 PM
Rohini nakshatra Shubh tithi Amrita Siddhi Yoga
पूरा पंचांग →
रविवार, 9 अगस्त
मृगशिरा नक्षत्र · कृष्ण पक्ष एकादशी
मुहूर्त
11:56 AM – 12:46 PM
Mrigashira nakshatra Shubh tithi
पूरा पंचांग →
शनिवार, 15 अगस्त
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्ल पक्ष तृतीया
मुहूर्त
11:55 AM – 12:45 PM
Uttara Phalguni nakshatra Shubh tithi
पूरा पंचांग →
बुधवार, 19 अगस्त
स्वाति नक्षत्र · शुक्ल पक्ष सप्तमी
मुहूर्त
11:54 AM – 12:44 PM
Swati nakshatra Shubh tithi Wednesday
पूरा पंचांग →
रविवार, 23 अगस्त
मूल नक्षत्र · शुक्ल पक्ष एकादशी
मुहूर्त
11:53 AM – 12:43 PM
Moola nakshatra Shubh tithi
पूरा पंचांग →
रविवार, 30 अगस्त
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र · कृष्ण पक्ष द्वितीया
मुहूर्त
11:51 AM – 12:41 PM
Uttara Bhadrapada nakshatra Shubh tithi Sarvartha Siddhi Yoga
पूरा पंचांग →
सोमवार, 31 अगस्त
रेवती नक्षत्र · कृष्ण पक्ष तृतीया
मुहूर्त
11:51 AM – 12:41 PM
Revati nakshatra Shubh tithi Monday
पूरा पंचांग →

सितंबर 2026

शुक्रवार, 4 सितंबर
रोहिणी नक्षत्र · कृष्ण पक्ष अष्टमी
मुहूर्त
11:50 AM – 12:39 PM
Rohini nakshatra Friday
पूरा पंचांग →
रविवार, 27 सितंबर
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र · कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
मुहूर्त
11:43 AM – 12:30 PM
Uttara Bhadrapada nakshatra Sarvartha Siddhi Yoga
पूरा पंचांग →

अक्टूबर 2026

शनिवार, 17 अक्टूबर
मूल नक्षत्र · शुक्ल पक्ष सप्तमी
मुहूर्त
11:38 AM – 12:24 PM
Moola nakshatra Shubh tithi
पूरा पंचांग →

तिथियाँ पूरे भारत के लिए हैं; दिखाई गई मुहूर्त अवधि हैदराबाद/IST संदर्भ की है और शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलती है। अपने परिवार के विवरण के अनुसार सटीक समय पुरोहित से पुष्ट करें।

विवाह मुहूर्त क्या है?

स्थायी एवं सुखद विवाह के लिए शुभ विवाह तिथियाँ (विवाह / कल्याण मुहूर्त)।

विवाह मुहूर्त हिन्दू विवाह के लिए चुना गया शुभ समय है। विवाह जीवनभर का संस्कार है, इसलिए तिथि विशेष सावधानी से — अनुकूल नक्षत्र, शुभ तिथि और वार से — चुनी जाती है ताकि दंपती अनुकूल नक्षत्रों में जीवन आरंभ करें।

वरीय नक्षत्रों में रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा और रेवती हैं। विवाह पारंपरिक रूप से उत्तरायण में होते हैं और चातुर्मास तथा अमावस्या, भद्रा, व्यतीपात/वैधृति जैसे अशुभ दिनों से बचा जाता है।

नीचे दी गई तिथियाँ भारत (IST) के पंचांग से गणना की गई हैं। अंतिम विवाह मुहूर्त दोनों पक्षों की जन्मकुंडली (गुण मिलान, दोष) को भी तौलता है और पुरोहित से तय करना सर्वोत्तम है।

विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ मंदिर →

विवाह मुहूर्त कैसे चुनें

  1. 1 नीचे दी गई सूची से एक अनुकूल नक्षत्र और शुभ तिथि चुनें।
  2. 2 भद्रा (विष्टि करण), अमावस्या, रिक्ता तिथि और अशुभ योग (व्यतीपात, वैधृति) टालें।
  3. 3 चुने हुए दिन के भीतर अभिजित मुहूर्त या अमृत काल जैसी शुभ मुहूर्त अवधि का उपयोग करें।
  4. 4 सटीक समय अपने परिवार के जन्म विवरण के अनुसार पुरोहित से पुष्ट करें।

How this is calculated

Auspicious dates are selected from the panchang by weighing the nakshatra, tithi, weekday and yoga, and excluding inauspicious periods — Bhadra (Vishti karana), Amavasya, Rikta tithis and yogas such as Vyatipata and Vaidhriti — following classical muhurta guidance (Dharmasindhu / Nirnaya Sindhu). A personal muhurta also weighs your family's birth details; confirm with a priest.

Reviewed by Thanuja, Astrologer (6+ yrs) Lahiri ayanamsha · Drik method · India/IST

सामान्य प्रश्न

विवाह के लिए कौन-से नक्षत्र शुभ हैं?

रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा और रेवती विवाह के लिए पारंपरिक रूप से वरीय हैं।

क्या कुछ मासों में विवाह टाले जाते हैं?

हाँ — विवाह सामान्यतः चातुर्मास (जब विष्णु शयन करते हैं), श्रावण, मलमास (अधिक मास) और शुक्र/गुरु अस्त के समय टाले जाते हैं। ये उत्तरायण में होते हैं, अमावस्या, भद्रा और ग्रहण दिवस से बचते हुए।

किन मासों में सबसे अधिक विवाह तिथियाँ होती हैं?

चरम विवाह ऋतुएँ सामान्यतः माघ–फाल्गुन (जन–मार्च), वैशाख–ज्येष्ठ (अप्रैल–जून) और कार्तिक–मार्गशीर्ष (नव–दिस) हैं, बशर्ते उन वर्षों में गुरु और शुक्र दृश्य हों।

विवाह के लिए सर्वोत्तम वार कौन-से हैं?

सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार विवाह के लिए सर्वाधिक शुभ माने जाते हैं; मंगलवार और शनिवार सामान्यतः टाले जाते हैं।

कुंडली मिलान या गुण मिलान क्या है?

गुण मिलान (अष्टकूट) दंपती की कुंडलियों की अनुकूलता 36 अंकों में आँकता है और मंगल (मांगलिक) दोष तथा नाड़ी दोष जैसे दोष जाँचता है। विवाह मुहूर्त इसी मिलान के बाद तय होता है।

क्या बिना मुहूर्त के विवाह हो सकता है?

कानूनी रूप से हाँ (जैसे कोर्ट/रजिस्ट्री विवाह), पर पारंपरिक हिन्दू विवाह मुहूर्त में किया जाता है; जब कोई मुहूर्त उपलब्ध न हो तो कुछ लोग अक्षय तृतीया या बसंत पंचमी जैसे "अबूझ" (स्वयंसिद्ध) दिन चुनते हैं।

अन्य मुहूर्त

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