शुक्रवार · 4 सितंबर 2026 · भारत · IST
आज का चौघड़िया
अभी: उद्वेग (त्याज्य)
4:51 PM तक
दिन और रात का चौघड़िया मुहूर्त — अमृत, शुभ, लाभ एवं चर शुभ हैं; रोग, काल एवं उद्वेग त्याज्य हैं।
संक्षेप में
4 सितंबर 2026 को (भारत, IST), वर्तमान चौघड़िया उद्वेग (त्याज्य) 4:51 PM तक है। एक शुभ आरंभिक अवधि चर 6:06 AM – 7:38 AM है।
दिन का चौघड़िया
सूर्योदय से सूर्यास्त (6:06 AM – 6:23 PM)।
| चौघड़िया | स्वभाव | समय |
|---|---|---|
| चर | शुभ | 6:06 AM – 7:38 AM |
| लाभ | शुभ | 7:38 AM – 9:10 AM |
| अमृत | शुभ | 9:10 AM – 10:42 AM |
| काल | त्याज्य | 10:42 AM – 12:15 PM |
| शुभ | शुभ | 12:15 PM – 1:47 PM |
| रोग | त्याज्य | 1:47 PM – 3:19 PM |
| उद्वेग अभी | त्याज्य | 3:19 PM – 4:51 PM |
| चर | शुभ | 4:51 PM – 6:23 PM |
रात का चौघड़िया
सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक।
| चौघड़िया | स्वभाव | समय |
|---|---|---|
| रोग | त्याज्य | 6:23 PM – 7:51 PM |
| उद्वेग | त्याज्य | 7:51 PM – 9:19 PM |
| चर | शुभ | 9:19 PM – 10:47 PM |
| लाभ | शुभ | 10:47 PM – 12:15 AM |
| अमृत | शुभ | 12:15 AM – 1:42 AM |
| काल | त्याज्य | 1:42 AM – 3:10 AM |
| शुभ | शुभ | 3:10 AM – 4:38 AM |
| रोग | त्याज्य | 4:38 AM – 6:06 AM |
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया एक मुहूर्त पद्धति है जो दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटती है, और प्रत्येक भाग को शुभ (अमृत, शुभ, लाभ, चर) या अशुभ (रोग, काल, उद्वेग) बताती है।
चौघड़िया एक सरल और लोकप्रिय मुहूर्त पद्धति है। दिनमान (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और सात चौघड़िया — उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ और रोग — वार से निश्चित आरंभ बिंदु से क्रम में चलती हैं।
शुभ: अमृत, शुभ, लाभ और चर (यात्रा के लिए उत्तम)। त्याज्य: रोग, काल और उद्वेग। स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर होने के कारण समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; इस पृष्ठ पर हैदराबाद (IST) संदर्भ है।
How this is calculated
Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.
सामान्य प्रश्न
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया एक मुहूर्त पद्धति है जो दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटती है। प्रत्येक भाग सात चौघड़ियों में से एक होता है — अमृत, शुभ, लाभ और चर शुभ हैं; रोग, काल और उद्वेग त्याज्य हैं।
कौन-सा चौघड़िया शुभ है?
अमृत (अमृततुल्य) सर्वश्रेष्ठ है, उसके बाद शुभ और लाभ; चर यात्रा के लिए उत्तम है। नए या शुभ कार्य के लिए रोग, काल और उद्वेग से बचें।
चौघड़िया की गणना कैसे होती है?
दिन और रात को सूर्योदय/सूर्यास्त से आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और सात चौघड़िया वार के अनुसार निश्चित आरंभ बिंदु से क्रम में चलती हैं। स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर होने से समय शहर के अनुसार थोड़ा बदलता है।
क्या आज का चौघड़िया यात्रा के लिए शुभ है?
चर चौघड़िया यात्रा और गति के लिए पारंपरिक रूप से उत्तम है; अमृत, शुभ और लाभ भी ठीक हैं। रोग, काल या उद्वेग में यात्रा आरंभ करने से बचें।
सात चौघड़ियों का क्या अर्थ है?
अमृत का अर्थ अमृत (सर्वाधिक शुभ), शुभ शुभकारी, लाभ लाभदायक और चर चंचल/यात्रा हेतु उत्तम — ये चार शुभ हैं। उद्वेग (चिंता, सूर्य), रोग (रोग, मंगल) और काल (हानि, शनि) अशुभ हैं और नए कार्य में टाले जाते हैं।
दिन और रात के चौघड़िया में क्या अंतर है?
दिन का चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ भागों में और रात का चौघड़िया सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक आठ भागों में चलता है। आरंभिक चौघड़िया वार के अनुसार भिन्न होती है, इसलिए सही समय के लिए दिन या रात की सही तालिका देखें।
व्यापार या पूजा आरंभ के लिए कौन-सा चौघड़िया सर्वोत्तम है?
पूजा, दुकान खोलने या अनुबंध जैसे शुभ कार्यों के लिए अमृत और शुभ सर्वोत्तम हैं; धन या लाभ से जुड़े कार्यों के लिए लाभ विशेष रूप से अच्छा है।
क्या चौघड़िया राहु काल से अधिक महत्वपूर्ण है?
दोनों साथ देखे जाते हैं। चौघड़िया पूरे दिन के शुभ-अशुभ समय बताती है, जबकि राहु काल, यमगण्ड और गुलिक निश्चित अशुभ अवधियाँ हैं — कार्य आरंभ का सबसे सुरक्षित समय वह शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ) है जो राहु काल से भी बाहर हो।