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सोमवार · 19 अक्टूबर 2026 · भारत · IST

आज का चौघड़िया

अभी: अमृत (शुभ)

5:53 PM तक

दिन और रात का चौघड़िया मुहूर्त — अमृत, शुभ, लाभ एवं चर शुभ हैं; रोग, काल एवं उद्वेग त्याज्य हैं।

संक्षेप में

19 अक्टूबर 2026 को (भारत, IST), वर्तमान चौघड़िया अमृत (शुभ) 5:53 PM तक है। एक शुभ आरंभिक अवधि अमृत 6:09 AM – 7:37 AM है।

दिन का चौघड़िया

सूर्योदय से सूर्यास्त (6:09 AM – 5:53 PM)।

चौघड़िया स्वभाव समय
अमृतशुभ6:09 AM – 7:37 AM
कालत्याज्य7:37 AM – 9:05 AM
शुभशुभ9:05 AM – 10:33 AM
रोगत्याज्य10:33 AM – 12:01 PM
उद्वेगत्याज्य12:01 PM – 1:29 PM
चरशुभ1:29 PM – 2:57 PM
लाभशुभ2:57 PM – 4:25 PM
अमृत अभीशुभ4:25 PM – 5:53 PM

रात का चौघड़िया

सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक।

चौघड़िया स्वभाव समय
चरशुभ5:53 PM – 7:25 PM
लाभशुभ7:25 PM – 8:57 PM
अमृतशुभ8:57 PM – 10:29 PM
कालत्याज्य10:29 PM – 12:01 AM
शुभशुभ12:01 AM – 1:33 AM
रोगत्याज्य1:33 AM – 3:05 AM
उद्वेगत्याज्य3:05 AM – 4:37 AM
चरशुभ4:37 AM – 6:09 AM

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया एक मुहूर्त पद्धति है जो दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटती है, और प्रत्येक भाग को शुभ (अमृत, शुभ, लाभ, चर) या अशुभ (रोग, काल, उद्वेग) बताती है।

चौघड़िया एक सरल और लोकप्रिय मुहूर्त पद्धति है। दिनमान (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और सात चौघड़िया — उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ और रोग — वार से निश्चित आरंभ बिंदु से क्रम में चलती हैं।

शुभ: अमृत, शुभ, लाभ और चर (यात्रा के लिए उत्तम)। त्याज्य: रोग, काल और उद्वेग। स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर होने के कारण समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; इस पृष्ठ पर हैदराबाद (IST) संदर्भ है।

How this is calculated

Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.

Reviewed by Thanuja, Astrologer (6+ yrs) Lahiri ayanamsha · Drik method · India/IST

सामान्य प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया एक मुहूर्त पद्धति है जो दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटती है। प्रत्येक भाग सात चौघड़ियों में से एक होता है — अमृत, शुभ, लाभ और चर शुभ हैं; रोग, काल और उद्वेग त्याज्य हैं।

कौन-सा चौघड़िया शुभ है?

अमृत (अमृततुल्य) सर्वश्रेष्ठ है, उसके बाद शुभ और लाभ; चर यात्रा के लिए उत्तम है। नए या शुभ कार्य के लिए रोग, काल और उद्वेग से बचें।

चौघड़िया की गणना कैसे होती है?

दिन और रात को सूर्योदय/सूर्यास्त से आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और सात चौघड़िया वार के अनुसार निश्चित आरंभ बिंदु से क्रम में चलती हैं। स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर होने से समय शहर के अनुसार थोड़ा बदलता है।

क्या आज का चौघड़िया यात्रा के लिए शुभ है?

चर चौघड़िया यात्रा और गति के लिए पारंपरिक रूप से उत्तम है; अमृत, शुभ और लाभ भी ठीक हैं। रोग, काल या उद्वेग में यात्रा आरंभ करने से बचें।

सात चौघड़ियों का क्या अर्थ है?

अमृत का अर्थ अमृत (सर्वाधिक शुभ), शुभ शुभकारी, लाभ लाभदायक और चर चंचल/यात्रा हेतु उत्तम — ये चार शुभ हैं। उद्वेग (चिंता, सूर्य), रोग (रोग, मंगल) और काल (हानि, शनि) अशुभ हैं और नए कार्य में टाले जाते हैं।

दिन और रात के चौघड़िया में क्या अंतर है?

दिन का चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ भागों में और रात का चौघड़िया सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक आठ भागों में चलता है। आरंभिक चौघड़िया वार के अनुसार भिन्न होती है, इसलिए सही समय के लिए दिन या रात की सही तालिका देखें।

व्यापार या पूजा आरंभ के लिए कौन-सा चौघड़िया सर्वोत्तम है?

पूजा, दुकान खोलने या अनुबंध जैसे शुभ कार्यों के लिए अमृत और शुभ सर्वोत्तम हैं; धन या लाभ से जुड़े कार्यों के लिए लाभ विशेष रूप से अच्छा है।

क्या चौघड़िया राहु काल से अधिक महत्वपूर्ण है?

दोनों साथ देखे जाते हैं। चौघड़िया पूरे दिन के शुभ-अशुभ समय बताती है, जबकि राहु काल, यमगण्ड और गुलिक निश्चित अशुभ अवधियाँ हैं — कार्य आरंभ का सबसे सुरक्षित समय वह शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ) है जो राहु काल से भी बाहर हो।

Subramanya Abhishekam
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