शुक्रवार · 4 सितंबर 2026 · भारत · IST
आज का अभिजित मुहूर्त — 4 सितंबर 2026
11:50 AM – 12:39 PM
अभिजित मुहूर्त दोपहर का शुभ समय है — जब कोई अन्य मुहूर्त तय न हो, तब महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए एक विश्वसनीय विकल्प।
अद्यतन Sep 1, 2026, 5:20 PM IST · हैदराबाद संदर्भ
संक्षेप में
4 सितंबर 2026 को (भारत, IST), अभिजित मुहूर्त 11:50 AM – 12:39 PM है।
अभिजित मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त दोपहर का शुभ समय है — जब कोई अन्य मुहूर्त तय न हो, तब महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए एक विश्वसनीय विकल्प।
अभिजित मुहूर्त दिनमान का आठवाँ मुहूर्त है — स्थानीय मध्याह्न (दोपहर) के आसपास का लगभग 48 मिनट का समय। इसे स्वभाव से ही शुभ माना जाता है और जब कोई अन्य शुभ मुहूर्त तय न हो, तब महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए इसे सामान्य विकल्प के रूप में लिया जाता है।
मध्याह्न पर आधारित होने के कारण अभिजित का उपयोग सरल है: अधिकांश नए आरंभ — कोई खरीदारी, किसी कार्य का पहला चरण, छोटी यात्रा — इसमें किए जा सकते हैं। यह दिन के सूर्योदय और सूर्यास्त से मापा जाता है, इसलिए सही समय शहर के अनुसार थोड़ा बदलता है; इस पृष्ठ पर हैदराबाद (IST) संदर्भ है।
एक पारंपरिक सावधानी: अभिजित मुहूर्त सामान्यतः बुधवार को नहीं लिया जाता, और यह विवाह या गृह प्रवेश जैसे कार्यों के लिए ठीक से चुने गए मुहूर्त का विकल्प नहीं है। उनके लिए पूर्ण पंचांग विचार (या पुरोहित का मार्गदर्शन) बेहतर है।
आज का पंचांग एक नज़र में
- तिथि
- कृष्ण पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र
- रोहिणी
- राहु काल
- 10:42 AM – 12:15 PM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:50 AM – 12:39 PM
- सूर्योदय
- 6:06 AM
- सूर्यास्त
- 6:23 PM
इस सप्ताह अभिजित मुहूर्त
अगले 7 दिन (भारत, IST · हैदराबाद संदर्भ)।
| दिन | दिनांक | अभिजित मुहूर्त |
|---|---|---|
| आज | 4 सितंबर | 11:50 AM – 12:39 PM |
| शनिवार | 5 सितंबर | 11:50 AM – 12:39 PM |
| रविवार | 6 सितंबर | 11:49 AM – 12:38 PM |
| सोमवार | 7 सितंबर | 11:49 AM – 12:38 PM |
| मंगलवार | 8 सितंबर | 11:49 AM – 12:38 PM |
| बुधवार | 9 सितंबर | 11:48 AM – 12:37 PM |
| गुरुवार | 10 सितंबर | 11:48 AM – 12:37 PM |
सामान्य प्रश्न
आज (4 सितंबर 2026) अभिजित मुहूर्त क्या है?
4 सितंबर 2026 को अभिजित मुहूर्त 11:50 AM – 12:39 PM है (भारत, IST)।
अभिजित मुहूर्त किसके लिए उपयोग होता है?
यह मध्याह्न के आसपास का एक सामान्य शुभ समय है, जिसे कोई विशेष मुहूर्त न होने पर महत्वपूर्ण कार्य — खरीदारी, नए काम, छोटी यात्रा — आरंभ करने के लिए विकल्प के रूप में लिया जाता है।
अभिजित मुहूर्त कितनी देर का होता है?
लगभग 48 मिनट (एक मुहूर्त), जो स्थानीय मध्याह्न — सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य बिंदु — पर केंद्रित होता है।
अभिजित मुहूर्त कब नहीं लिया जाता?
इसे पारंपरिक रूप से बुधवार को टाला जाता है, और यह विवाह या गृह प्रवेश के लिए ठीक से चुने गए मुहूर्त का विकल्प नहीं है। जब यह भद्रा जैसे गंभीर दोष से मिल जाए तब भी इसे छोड़ा जाता है।
इसे अभिजित क्यों कहते हैं?
अभिजित का अर्थ है "विजयी"। यह उस अभिजित नक्षत्र के नाम पर है जो कभी इस मध्याह्न क्षेत्र में रहता था, और माना जाता है कि इसी मुहूर्त में भगवान राम का जन्म हुआ — इसे बाधाओं का नाश करने वाला माना जाता है।
क्या अभिजित मुहूर्त यात्रा के लिए शुभ है?
हाँ — अभिजित काल में छोटी यात्रा आरंभ करना शुभ माना जाता है, और जब कोई विशेष यात्रा मुहूर्त न हो तो यह एक सामान्य विकल्प है (बुधवार को छोड़कर)।
क्या अभिजित मुहूर्त राहु काल को रद्द कर देता है?
ये अलग-अलग अवधियाँ हैं। जब दोनों एक साथ आएँ, तो अधिकांश परंपराएँ अभिजित को शुभ प्रभाव मानती हैं, पर अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ऐसा समय चुनना बेहतर है जो अभिजित के भीतर और राहु काल के बाहर हो।
How this is calculated
Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.