Book Karthika Masam Panchatatva Deeparadhana · ₹999 for 30 Days
English हिन्दी

सोमवार · 19 अक्टूबर 2026 · भारत · IST

आज की तिथि — 19 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी

10:51 AM तक

तिथि हिन्दू चंद्र दिवस है — अधिकांश व्रत, उपवास और त्योहार इसी से निर्धारित होते हैं।

अद्यतन Sep 22, 2026, 9:55 AM IST · हैदराबाद संदर्भ

संक्षेप में

19 अक्टूबर 2026 को (भारत, IST), तिथि शुक्ल पक्ष अष्टमी (10:51 AM तक) है।

तिथि क्या है?

तिथि हिन्दू चंद्र दिवस है — अधिकांश व्रत, उपवास और त्योहार इसी से निर्धारित होते हैं।

तिथि चंद्र दिवस है — वह समय जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° आगे बढ़ता है। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष (बढ़ते चंद्रमा) में और 15 कृष्ण पक्ष (घटते चंद्रमा) में — प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया … पूर्णिमा या अमावस्या तक।

अधिकांश हिन्दू व्रत-पर्व वार के बजाय तिथि से चलते हैं: एकादशी व्रत, संकष्टी और विनायक चतुर्थी, प्रदोष (त्रयोदशी), पूर्णिमा और अमावस्या व्रत — सभी तिथि पर आधारित हैं। सामान्यतः सूर्योदय के समय की तिथि उस दिन के व्रत को निर्धारित करती है, यद्यपि कुछ व्रत किसी विशेष समय (जैसे चंद्रोदय या मध्याह्न) की तिथि मानते हैं।

तिथि 24 घंटे के दिन से ठीक मेल नहीं खाती — यह किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है, इसलिए तिथि दिन के बीच में बदल सकती है। यह पृष्ठ आज सूर्योदय की तिथि और उसके समाप्त होने का समय दिखाता है।

आज का पंचांग एक नज़र में

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
राहु काल
7:37 AM – 9:05 AM
अभिजित मुहूर्त
11:37 AM – 12:24 PM
सूर्योदय
6:09 AM
सूर्यास्त
5:53 PM
आज का पूरा पंचांग देखें →

इस सप्ताह तिथि

अगले 7 दिन (भारत, IST · हैदराबाद संदर्भ)।

दिन दिनांक तिथि
आज 19 अक्टूबर शुक्ल पक्ष अष्टमी 10:51 AM तक
मंगलवार 20 अक्टूबर शुक्ल पक्ष नवमी 12:50 PM तक
बुधवार 21 अक्टूबर शुक्ल पक्ष दशमी 2:11 PM तक
गुरुवार 22 अक्टूबर शुक्ल पक्ष एकादशी 2:48 PM तक
शुक्रवार 23 अक्टूबर शुक्ल पक्ष द्वादशी 2:36 PM तक
शनिवार 24 अक्टूबर शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 1:37 PM तक
रविवार 25 अक्टूबर शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 11:56 AM तक

सामान्य प्रश्न

आज (19 अक्टूबर 2026) तिथि क्या है?

19 अक्टूबर 2026 को तिथि शुक्ल पक्ष अष्टमी (10:51 AM तक) है (भारत, IST)।

तिथि क्या है?

तिथि एक चंद्र दिवस है — वह अवधि जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° देशांतर आगे बढ़ता है। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, शुक्ल (बढ़ते) और कृष्ण (घटते) पक्षों में।

कुल कितनी तिथियाँ होती हैं?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा/अमावस्या — प्रत्येक पक्ष में एक बार।

व्रत या त्योहार किस तिथि से तय होता है?

सामान्यतः सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही उस दिन का व्रत निर्धारित करती है, यद्यपि कुछ व्रत चंद्रोदय, मध्याह्न या किसी अन्य निश्चित समय की तिथि मानते हैं।

दिन के बीच तिथि क्यों बदल जाती है?

तिथि खगोलीय है और 24 घंटे की घड़ी से मेल नहीं खाती, इसलिए यह किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है — तिथि नागरिक दिन के बीच में बदल सकती है।

क्षय और वृद्धि तिथि क्या है?

क्षय (लुप्त) तिथि वह है जो आरंभ होकर बिना किसी सूर्योदय को छुए समाप्त हो जाती है, इसलिए वह छूट जाती है; वृद्धि (बढ़ी हुई) तिथि दो सूर्योदयों तक रहती है और इसलिए दो दिन दिखती है। इसी से त्योहार की तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

रिक्ता तिथियाँ क्या हैं?

रिक्ता ("खाली") तिथियाँ चतुर्थी (4), नवमी (9) और चतुर्दशी (14) हैं। इन्हें नए शुभ कार्य आरंभ करने के लिए अशुभ माना जाता है, यद्यपि ये साहसिक या कठोर कार्यों के लिए उपयुक्त हैं।

How this is calculated

Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.

Reviewed by Thanuja, Astrologer (6+ yrs) Lahiri ayanamsha · Drik method · India/IST

आज के लिए और

Subramanya Abhishekam
Karthika Masam Panchatatva Deeparadhana