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मंगलवार · 20 अक्टूबर 2026 · भारत · IST

आज का राहु काल — 20 अक्टूबर 2026

2:56 PM – 4:24 PM

राहु काल प्रतिदिन का एक अशुभ समय है, जिसमें कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करना पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

अद्यतन Sep 22, 2026, 3:35 PM IST · हैदराबाद संदर्भ

संक्षेप में

20 अक्टूबर 2026 को (भारत, IST), राहु काल 2:56 PM – 4:24 PM है।

राहु काल क्या है?

राहु काल प्रतिदिन का एक अशुभ समय है, जिसमें कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करना पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

राहु काल (राहु काल) प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का समय होता है, जिसे कोई भी महत्वपूर्ण कार्य — यात्रा, अनुबंध पर हस्ताक्षर, खरीदारी या शुभ संस्कार — आरंभ करने के लिए अशुभ माना जाता है। यह वार के अनुसार दिनमान के अलग-अलग आठवें भाग में पड़ता है।

यह अवधि वार से निर्धारित होती है: सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान में यह सोमवार को दूसरे, मंगलवार को सातवें, बुधवार को पाँचवें, गुरुवार को छठे, शुक्रवार को चौथे, शनिवार को तीसरे और रविवार को आठवें भाग में रहती है। स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर होने के कारण इसका सही समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदल जाता है; इस पृष्ठ पर हैदराबाद (IST) को संदर्भ माना गया है।

पहले से चल रहे कार्य — नित्य पूजा, जारी यात्रा, दैनिक कार्य — राहु काल में रोकने की आवश्यकता नहीं है। विशेष रूप से नए, शुभ कार्यों का आरंभ ही टाला जाता है। इसी कारण से दो संबंधित अशुभ अवधियाँ, यमगण्ड और गुलिक काल, साथ में दिखाई गई हैं।

आज का पंचांग एक नज़र में

नक्षत्र
श्रवण
राहु काल
2:56 PM – 4:24 PM
अभिजित मुहूर्त
11:37 AM – 12:24 PM
सूर्योदय
6:09 AM
सूर्यास्त
5:52 PM
आज का पूरा पंचांग देखें →

इस सप्ताह राहु काल

अगले 7 दिन (भारत, IST · हैदराबाद संदर्भ)।

दिन दिनांक राहु काल
आज 20 अक्टूबर 2:56 PM – 4:24 PM
बुधवार 21 अक्टूबर 12:00 PM – 1:28 PM
गुरुवार 22 अक्टूबर 1:28 PM – 2:55 PM
शुक्रवार 23 अक्टूबर 10:32 AM – 12:00 PM
शनिवार 24 अक्टूबर 9:05 AM – 10:32 AM
रविवार 25 अक्टूबर 4:22 PM – 5:49 PM
सोमवार 26 अक्टूबर 7:38 AM – 9:05 AM

वार के अनुसार राहु काल

राहु काल दिनमान के एक निश्चित आठवें भाग में रहता है, जो प्रत्येक वार के लिए अलग होता है। नीचे दिए गए अनुमानित समय 6:00 बजे सूर्योदय और 6:00 बजे सूर्यास्त मानकर हैं; आपकी तिथि और शहर के वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार सही समय बदलता है।

वार राहु काल अनुमानित समय
रविवार दिनमान का आठवाँ भाग 4:30 PM – 6:00 PM
सोमवार दिनमान का दूसरा भाग 7:30 AM – 9:00 AM
मंगलवार (आज) दिनमान का सातवाँ भाग 3:00 PM – 4:30 PM
बुधवार दिनमान का पाँचवाँ भाग 12:00 PM – 1:30 PM
गुरुवार दिनमान का छठा भाग 1:30 PM – 3:00 PM
शुक्रवार दिनमान का चौथा भाग 10:30 AM – 12:00 PM
शनिवार दिनमान का तीसरा भाग 9:00 AM – 10:30 AM

सामान्य प्रश्न

आज (20 अक्टूबर 2026) राहु काल क्या है?

20 अक्टूबर 2026 को राहु काल 2:56 PM – 4:24 PM है (भारत, IST)।

राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?

नए कार्य आरंभ करने से बचें — यात्रा, अनुबंध, खरीदारी, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य शुभ संस्कार। सामान्य दैनिक कार्य और नित्य पूजा रोकने की आवश्यकता नहीं है।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और राहु काल वार के अनुसार एक निश्चित भाग में रहता है। सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर होने के कारण यह शहर के अनुसार थोड़ा बदलता है।

प्रत्येक वार को राहु काल किस भाग में होता है?

यह दिनमान के एक निश्चित आठवें भाग में रहता है: सोमवार दूसरा, मंगलवार सातवाँ, बुधवार पाँचवाँ, गुरुवार छठा, शुक्रवार चौथा, शनिवार तीसरा और रविवार आठवाँ भाग (सूर्योदय से गिनते हुए)।

क्या राहु काल में यात्रा करना ठीक है?

राहु काल में यात्रा आरंभ करना पारंपरिक रूप से टाला जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो कुछ लोग निकलने से पहले थोड़ा दही (या दही-शक्कर) खाने की परंपरा मानते हैं।

क्या राहु काल में पूजा या उपासना कर सकते हैं?

हाँ। नित्य पूजा और विशेष रूप से राहु, दुर्गा या काली की उपासना राहु काल में शुभ मानी जाती है — केवल नए, शुभ कार्यों का आरंभ टाला जाता है।

यमगण्ड और गुलिक काल क्या हैं?

ये दो अन्य अशुभ दैनिक अवधियाँ हैं, जिनकी गणना राहु काल की तरह ही (वार के अनुसार दिनमान का एक-आठवाँ भाग) होती है। राहु काल की तरह इन्हें भी नया महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए टाला जाता है; गुलिक काल को सबसे अशुभ माना जाता है।

How this is calculated

Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.

Reviewed by Thanuja, Astrologer (6+ yrs) Lahiri ayanamsha · Drik method · India/IST

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