सोमवार · 19 अक्टूबर 2026 · भारत · IST
आज का नक्षत्र — 19 अक्टूबर 2026
उत्तराषाढ़ा
3:37 PM तक
नक्षत्र चंद्रमा का नक्षत्र-मंडल है — नामकरण, मुहूर्त और अनेक परंपराओं में इसका उपयोग होता है।
अद्यतन Sep 22, 2026, 9:55 AM IST · हैदराबाद संदर्भ
संक्षेप में
19 अक्टूबर 2026 को (भारत, IST), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (3:37 PM तक) है।
नक्षत्र क्या है?
नक्षत्र चंद्रमा का नक्षत्र-मंडल है — नामकरण, मुहूर्त और अनेक परंपराओं में इसका उपयोग होता है।
नक्षत्र वह क्षेत्र है जिसमें चंद्रमा स्थित होता है। क्रांतिवृत्त को 27 नक्षत्रों (अश्विनी, भरणी, कृत्तिका … रेवती) में बाँटा गया है, प्रत्येक लगभग 13°20′ चौड़ा, और चंद्रमा प्रतिदिन लगभग एक नक्षत्र से गुजरता है।
नक्षत्र अनेक परंपराओं का केंद्र हैं: बच्चे का नामकरण अक्सर जन्म नक्षत्र के अक्षर से होता है, और मुहूर्त चयन में नक्षत्र का बहुत महत्व है — कुछ नक्षत्र यात्रा के, कुछ विवाह के, कुछ नए कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं। चंद्रमा का नक्षत्र दैनिक अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योगों का भी आधार है।
चूँकि चंद्रमा निरंतर गति करता है, नक्षत्र मध्यरात्रि या सूर्योदय के बजाय प्रतिदिन एक निश्चित समय पर बदलता है। यह पृष्ठ आज सूर्योदय का नक्षत्र और उसके समाप्त होने का समय दिखाता है।
आज का पंचांग एक नज़र में
- तिथि
- शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- राहु काल
- 7:37 AM – 9:05 AM
- अभिजित मुहूर्त
- 11:37 AM – 12:24 PM
- सूर्योदय
- 6:09 AM
- सूर्यास्त
- 5:53 PM
इस सप्ताह नक्षत्र
अगले 7 दिन (भारत, IST · हैदराबाद संदर्भ)।
| दिन | दिनांक | नक्षत्र |
|---|---|---|
| आज | 19 अक्टूबर | उत्तराषाढ़ा 3:37 PM तक |
| मंगलवार | 20 अक्टूबर | श्रवण 6:01 PM तक |
| बुधवार | 21 अक्टूबर | धनिष्ठा 7:47 PM तक |
| गुरुवार | 22 अक्टूबर | शतभिषा 8:48 PM तक |
| शुक्रवार | 23 अक्टूबर | पूर्वा भाद्रपदा 9:02 PM तक |
| शनिवार | 24 अक्टूबर | उत्तरा भाद्रपदा 8:31 PM तक |
| रविवार | 25 अक्टूबर | रेवती 7:21 PM तक |
सामान्य प्रश्न
आज (19 अक्टूबर 2026) नक्षत्र क्या है?
19 अक्टूबर 2026 को नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (3:37 PM तक) है (भारत, IST)।
नक्षत्र क्या है?
नक्षत्र एक चंद्र-भवन है — राशिचक्र के 27 समान भागों में से एक (प्रत्येक लगभग 13°20′), जिनसे चंद्रमा प्रतिदिन लगभग एक से गुजरता है।
कुल कितने नक्षत्र होते हैं?
27 नक्षत्र होते हैं — अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा आदि से लेकर रेवती तक। विशेष मुहूर्त के लिए कभी-कभी 28वाँ, अभिजित, भी गिना जाता है।
मेरा जन्म नक्षत्र क्या है?
आपका जन्म नक्षत्र वह नक्षत्र है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। इसका उपयोग आपके नाम के अक्षर, मुहूर्त चयन और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों में होता है।
नक्षत्र क्यों महत्वपूर्ण है?
इसका उपयोग नामकरण, मुहूर्त चयन और अनेक परंपराओं में होता है; कुछ नक्षत्र यात्रा, विवाह या नए कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं।
कौन से नक्षत्र शुभ माने जाते हैं?
पुष्य को सर्वाधिक शुभ माना जाता है; रोहिणी, मृगशिरा, तीनों उत्तरा, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती भी शुभ कार्यों के लिए व्यापक रूप से उपयुक्त माने जाते हैं।
नक्षत्र कब बदलता है?
चंद्रमा की गति से निर्धारित एक विशेष समय पर प्रतिदिन — मध्यरात्रि या सूर्योदय पर नहीं। यह पृष्ठ दिखाता है कि आज का नक्षत्र कब समाप्त होता है।
How this is calculated
Timings are computed with the Drik (observational) method using the Lahiri (Chitra-paksha) ayanamsha, for India (IST) with Hyderabad as the reference location. Sunrise- and sunset-based windows — Rahu Kalam, Choghadiya and the muhurtas — are derived from the day's actual sunrise and sunset, so they shift a few minutes by city.